श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर एवं योनि मार्ग से निकलने वाले दुर्गंध युक्त श्राव से मुक्ति दिलाता है और नियमित मासिक धर्म एवं प्रदर रोगों से होने वाले पीठ दर्द, कमजोरी एवं चिड़चिड़ापन से छुटकारा दिलाता है योनि मार्ग में श्राव बढ़ाता है |
सेवन विधि :
10-20 GM दिन में दो बार पानी या दूध के साथ |
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